पोखरे पर बसे परिवारों से रोजाना होती थी एक लाख की वसूली

पोखरे पर बसे परिवारों से रोजाना होती थी एक लाख की वसूली


सुमेर-सागर में नजूल और पोखरे की जमीन पर अवैध रूप से रह रहे 100 परिवार से भू-माफिया प्रतिदिन लगभग एक लाख रुपये की वसूली करते थे। रविवार को जब अवैध कब्जे पर डंडा चला तो अवैध रूप से रह रहे सभी फरार तो हुए ही, साथ ही भू-माफिया भी भूमिगत हो गए हैं। जिला प्रशासन ने पुलिस को यह जानकरी देते हुए भू-माफियाओं को ट्रैक करने को कहा है।


उधर,दो दिन तक अभियान चलाकर सुमेर सागर में खाली कराई गई पोखरे और नजूल की जमीन की पैमाइश के साथ ही पोखरे की खुदाई का काम भी शुरू हो गया है। पैमाइश के लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल ने सात सदस्यीय टीम गठित कर दी है। बताया कि बुधवार की शाम तक पैमाइश का काम खत्म हो जाएगा।


22 नहीं 19 एकड़ है सुमेर सागर का रकबा : सुमेर सागर की कुल जमीन 18.96 एकड़ है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बताया कि मंगलवार की देर शाम से पोखरे की खुदाई शुरू कर दी गई है। जल्द ही इसे ताल का स्वरूप देकर पर्यटन के रूप में विकसित किया जाएगा।


अचानक से गायब हो गए थे सौ से अधिक परिवार


अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू हुआ तो प्रशासन को सुमेर सागर ताल के भीतर झुग्गी-झोपडि़यों में करीब 100 से अधिक परिवार मिले थे। अफसरों ने इनसे कागजात मांगे लेकिन कोई भी परिवार अपना आधार कार्ड नहीं दिखा सका था। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने टीम को झुग्गी-झोपड़ियों की जांच के लिए भेजा तो उसमें कच्ची शराब, नशीली दवाइयों समेत अन्य प्रतिबंधित सामग्रियां मिलीं थी। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बताया कि मलिन बस्ती में बांग्लादेशियों के रहने की जानकारी मिली है। इनके पास कोई वैध कागजात भी नहीं मिले हैं। शनिवार की रात में ही करीब सौ से अधिक परिवार संदिग्ध रूप से गायब हो गए हैं। इसकी जांच कराई जा रही है कि आखिर इतने बड़े पैमाने पर यह लोग कैसे रह रहे थे? इनसे संबंधित जानकारी पुलिस को भी उपलब्ध करा दी गई है।


दूर होगी गोलघर में जल जमाव की समस्या


करीब 17 एकड़ में फैले सुमेर सागर ताल को जिला प्रशासन पुन: संरक्षित करेगा। इसे ताल का स्वरूप दिया जाएगा। इससे गोलघर समेत विजय चौक आदि इलाकों में जल-जमाव की समस्या से पूरी तरह निजात मिल जाएगी। वहीं इस जमीन को जिला प्रशासन पार्क और अन्य प्रयोजनों के लिए भी इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है।


वहां अवैध रूप से रह रहे लोगों से वसूली की बात सामने आ रही है। कई लोगों से 500 से 1000 रुपये प्रतिदिन की वसूली की रिपोर्ट आ रही है। भू-माफियाओं को चिह्नित किया जा रहा है।