बाजार में कटहल की बादशाहत, शिमला मिर्च व गोभी फिसले

बाजार में कटहल की बादशाहत, शिमला मिर्च व गोभी फिसले


कोरोना के खौफ के चलते लोगों के नॉनवेज से दूर रहने का लाभ सब्जी बाजार को मिल रहा है। सब्जी मंडी में कटहल की बादशाहत बरकरार है। मंगलवार को सब्जी मंडी में 60 टन कटहल बिक गया। मांग की तुलना में ज्यादा आपूर्ति के कारण शिमला मिर्च का बाजार चढ़ता-गिरता रहा। स्थानीय स्तर पर उत्पादन शुरू होने के कारण लौकी 10 रुपये किलो तक बिकी।


तापमान में वृद्धि के चलते शिमला मिर्च के बाजार में सबसे ज्यादा उतार-चढ़ाव दिखा। कुछ आढ़तियों ने 14 रुपये किलो तक में शिमला मिर्च बेचा। 25-28 रुपये के बीच ही दोपहर तक शिमला मिर्च की बिक्री होती रही। उसके बाद भी ट्रकों से काफी माल नहीं उतरा। लौकी, कोहड़ा, खीरा, मूली, धनिया, साग आदि का स्थानीय स्तर पर उत्पादन शुरू हो गया है। बताते हैं कि इसकी वजह से अन्य सब्जियों का भाव भी कुछ नियंत्रण में है।


कारोबारी भोला का कहना है कि मंडी में स्थानीय सब्जियों की आवक के कारण बाहरी सब्जियों का मूल्य भी नियंत्रण में है। 10-15 दिनों बाद स्थानीय कई प्रकार की सब्जियां आने लगेंगी। इससे रेट में और कमी आएगी।


नॉनवेज का विकल्प बना कटहल


नॉनवेज की कमी को पूरा करने के लिए लोगों ने कटहल की सब्जी को विकल्प के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। आम दिनों की तुलना में कटहल की खपत में निरंतरता बनी हुई है। इसके पीछे की वजह लोगों का नॉनवेज खाने से परहेज करना माना जा रहा है। ज्यादातर लोग नॉनवेज की जगह सब्जियों का उपयोग कर रहे हैं। हालांकि होली के दिनों की तुलना में कटहल के मूल्य में गिरावट आई है। थोक मंडी में कटहल 20-35 रुपये किलो तक बिक रहा है।