गोरखपुर की सड़कों के डिवाडर पर कनेर के फूल बढ़ाएंगे सुंदरता
शिवावतारी गुरु गोरक्षनाथ की नगरी की सड़कों के डिवाइडर पर कनेर और उसके फूल अपनी सुंदरता से चार चांद लगाएंगे। वन विभाग ने असुरन से महाराजगंज बार्डर तक और पैडलेगंज से नौकायन केंद्र तक कनेर के फूल के पौधे लगा रहा है। अब तक 9200 पौधे लगाए जा चुके हैं, शेष जल्द लगाए जाएंगे।
गुरु गोरक्षनाथ की नगरी की सड़कों की शोभा बढ़ाएंगे कनेर के फूल
कनेर की पत्तियां हाईबीम लाइट के रिफ्लेक्शन और धूल नियंत्रण में भी होंगी सहायक
कद काठी में पेड़ और पौधे के बीच ठहरा हुआ कनेर किसी किशोर की तरह संकोची दिखता है। किसी देवता ने उसे अपनी माला में धारण नहीं किया लेकिन जिनका कोई नाथ न हो ऐसे भोलेनाथ को धतूरे के फूल के साथ कनेर भी पसंद है। गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुरोहित आचार्य रामानुज त्रिपाठी कहते हैं कि कनेर के फूल की टहनियों और डंडी से निकलने वाला दूध विषाक्त होता है, शायद इसी लिए यह नीलकंठ भोले शंकर को पंसद है। गुरु गोरखनाथ को पंसद हैं। इसका विषाक्त दूध इसे निर्वासित गोवंश से भी सुरक्षित रखता है। चटक पीले फूल वासंती छटा बिखेरते हैं तो नारंगी पूलों में भगवान परिधान में सन्यासी दिखता है।
हालांकि डीएफओ अविनाश कुमार को गोरखपुर महोत्सव के जरिए जब मण्डलायुक्त ने इन दोनों सड़कों पर फूलदार पौधे लगाने के निर्देश दिए तो उन्हें अयोध्या के निकट सड़क पर लगे कनेर के फूल याद आए। कहते हैं कि कनेर का पौधा अपने छोटे आकार एवं फूलों के कारण सुंदर दिखते ही हैं। इसकी पत्तियां हाईबीम लाइट के रिफलेक्शन को भी रोकती हैं। इससे दुर्घटना की संभावना कम होती है। इनसे धूल के नियंत्रण में भी मदद मिलती है।
2100 मीटर में लगे 4200 पौधे
रामगढ़ झील स्थित 4 लेन पर 2100 किलोमीटर के स्ट्रेच पर डिवाइडर में दो कतार में 4200 पौधे रोपे जा चुके हैं। गुरुवार को भी यह काम जारी था। यहां चार विज्ञापन बोर्ड लगा कर गोरखपुर महोत्सव एवं वन विभाग की ब्रांडिंग भी की जाएगी।
5000 पौधे लगे असुरन रोड पर
असुरन चौराहे से महराजगंज बार्डर तक 24 किलोमीटर में प्रत्येक एक मीटर पर एक कनेर का पौधा लगाया जाना है। लेकिन महोत्सव के मद्देनजर बीआरडी मेडिकल गेट से नाहरपुर चौराहे तक 5 किलोमीटर की लम्बाई पर डिवाइर पर 5 हजार कनेर के पौधे गुरुवार को लगा दिए गए। यहां यूपी एग्रो की मदद से 200 मेटल ट्री गार्ड भी लगाया जाएगा जिस पर गोरखपुर महोत्सव और वन विभाग की ब्रांडिंग की जाएगी। लोगो के बैकग्राउंड में वन्य प्राणियों के चित्र भी लगे हैं।
‘गोरखपुर महोत्सव के मद्देनजर 9200 कनेर के पौधे लगाने का लक्ष्य था जिसे कल तक पूर्ण कर लिया जाएगा। गुरुवार को कनेर के मेटल ट्री गार्ड भी मंगा लिए गए। जिन्हें कल तक लगा लिया जाएगा।’
अविनाश कुमार, डीएफओ गोरखपुर